General

Poem on importance of time in english

3-D Printing and 3-D Printers Basics

3 D printing is an advanced technology also popularly known as additive manufacturing. In this process, three dimensional solid objects are evolved from a digital file. Employing additive processes. In other words the object is created by laying down the given material in successive layers until the object is created in full. These layers when …

3-D Printing and 3-D Printers Basics Read More »

Poem on importance of time in english

Major applications of 3D printing

  3D printing is growing by leaps and bounds as a technique used by many industries across the globe. Day by day, the usage of this technology is increasing, and the array of applications is widening. Right from manufacturing and medical industry, 3D printing technology is used in space, food, and even commercial sector involving …

Major applications of 3D printing Read More »

Rangolis: The Visual Manifestations of Indian Tradition

Rangoli has always enjoyed a prime place in the Indian tradition and have become an integral part of several important celebrations and festivals. The women folk in every household take immense delight in decorating the front yard of the house with highly colorful rangolis especially during festivals. Usually drawn on the floor with white rangoli powder or rice powder and …

Rangolis: The Visual Manifestations of Indian Tradition Read More »

Poem on importance of time in english

पञ्चभूतों के कौन कौन से गुण होते हैं

इस पृथ्वीपर (Earth) रहने वाली जितनी भी वस्तुयें हैं, वे सब-की-सब संक्षेप से पञ्चमहाभूत-स्वरूप (Five Elements-Constitution) हैं। इसी लिये मनीषी पुरूष उन सब को ‘सम’ (Equal) कहते हैं। आकाश (Ether), वायु (Air), अग्नि (Fire), जल (Water) और भूमि (Earth) – ये पञ्च महाभूत (Five Elements) हैं। आकाश से लेकर भूमि तक जो पञ्चमहाभूतों का क्रम …

पञ्चभूतों के कौन कौन से गुण होते हैं Read More »

Poem on importance of time in english

अलक्ष्मी (लक्ष्मी की ज्येष्ठ बहन) कौन है तथा कहाँ कहाँ निवास करती है

आदि तथा अन्त से रहित, ऐश्वर्य शाली, प्रभुता सम्पन्न तथा जगत् के स्वामी नारायण विष्णु ने प्राणियों को व्यामोह में डालने के लिये इस जगत् को दो प्रकार का बनाया है। उन महातेजस्वी विष्णु ने ब्राह्मणों, वेदों, सनातन वैदिक धर्मों, श्री तथा श्रेष्ठ पद्मा की उत्पत्ति करके एक भाग किया और अशुभ तथा ज्येष्ठा अलक्ष्मी, …

अलक्ष्मी (लक्ष्मी की ज्येष्ठ बहन) कौन है तथा कहाँ कहाँ निवास करती है Read More »

Poem on importance of time in english

दिव्य नदी गङ्गा के विभिन्न नामों का अर्थ

नदियों के नाम उनके विशिष्ट शब्दगत अर्थ एवं गुणधर्म को लेकर प्रवृत होते हैं। इस सम्बन्ध में प्रसिद्ध पाश्चात्य विद्वान् मैक्समूलर के विचार माननीय हैं। उनका कथन है- ‘वैदिक सूक्तों में तथा नदियों से सम्बन्धित ऋचाओं में चर्चित नदियों को पुनः वे छोटी हों या बड़ी अलग-अलग नाम दिये गये। सभी प्रदेशों के निवासी यह …

दिव्य नदी गङ्गा के विभिन्न नामों का अर्थ Read More »

Poem on importance of time in english

पञ्चामृत कैसे बनायें

पञ्चामृत का हम भोग लगाकर, प्रसाद के रूप में ग्रहण भी करते हैं। इस के बनाने की विधि की जानकारी हमें अवश्य होनी चाहिये। व्यवस्थाः- पञ्चामृत में पाँच वस्तुयें काम में लाई जाती हैं। यह हैं- दूध दही घृत शहद तुलसी पत्र दूध अधिक मात्रा में, दही कम, घी बहुत थोड़ा, शहद आवश्यकता अनुसार और …

पञ्चामृत कैसे बनायें Read More »

Poem on importance of time in english

The Three Chandraguptas of India

Well, this is quite interesting–a name shared by three different people who turned out to be great in their own rite, and belonged to medieval India. Why don’t we have that name for our children nowadays or why none with that name became that much great later on–or did we stuck to the Shakespearean idea …

The Three Chandraguptas of India Read More »

Poem on importance of time in english

काशी ही ‘शिवलोक है’ का निर्माण कैसे हुआ

वे जो सदाशिव हैं, उन्हें परमपुरुष, ईश्वर, शिव, शम्भु और महेश्वर कहते हैं। वे अपने मस्तक पर आकाश-गङ्गा को धारण करते हैं। उनके भाल देश में चन्द्रमा शोभा पाते हैं। उनके पाञ्च मुख हैं और प्रत्येक मुख में तीन-तीन नेत्र हैं। उनका चित्त सदा प्रसन्न रहता है। वे दस भुजाओं से युक्त्त और त्रिशूल धारी …

काशी ही ‘शिवलोक है’ का निर्माण कैसे हुआ Read More »

Poem on importance of time in english

जब भगवान शिव ने पार्वती माता के घर जाकर अपनी ही निन्दा की

ब्रह्मा जी कहते हैं – नारद ! मेना और हिमवान् की भगवान् शिव के प्रति उच्चकोटी की अनन्य भक्त्ति देख इन्द्र आदि सब देवता परस्पर विचार करने लगे। तदनन्तर गुरु बृहस्पति और ब्रह्मा जी की सम्मति के अनुसार सभी मुख्य  देवताओं ने शिव जी के पास जाकर उनको प्रणाम किया और वे हाथ जोड़कर उनकी …

जब भगवान शिव ने पार्वती माता के घर जाकर अपनी ही निन्दा की Read More »

Poem on importance of time in english

शिव पुराण में पेड़ लगाने के लाभ का वर्णन

वातावरण की रक्षा हेतु वृक्ष लगाना, विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक तत्त्वों का अल्प प्रयोग तथा प्रदूषण को बढ़ावा ना देना ये सब आधुनिक जीवन की ही कल्पनायें नहीं है। पुरातन काल से प्रकृति के संरक्षण हेतु चेष्टा की जाती रही है तथा समाज में ऐसे कार्यों को करने की प्रेरणा दी जाती रही है जिससे …

शिव पुराण में पेड़ लगाने के लाभ का वर्णन Read More »

Poem on importance of time in english

भगवान शिव का नाम पशुपति कैसे पड़ा

असुरों से युद्ध के हेतु महान् दिव्य रथ में, जो अनेक विध आश्चर्यों से युक्त्त था, वेद रूपी अश्वों को जोत कर ब्रह्मा ने उसे शिव को समर्पित कर दिया। शम्भु को निवेदित करने के पश्चात् जो विष्णु आदि देवों के सम्माननीय एवं त्रिशूल धारण करने वाले हैं, उन देवेश्वर की प्रार्थना करके ब्रह्मा जी …

भगवान शिव का नाम पशुपति कैसे पड़ा Read More »

Poem on importance of time in english

जटायु ने कैसे बता दिया था कि राम सीता को रावण से पुनः प्राप्त कर लेंगे

भारतीय ज्योतिष एक शास्त्र से कम नहीं है तथा पूर्ण रूप से वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। इस लेख में हम एक ऐसे उदाहरण का वर्णन करेंगे जो कि रामायण काल में हुआ था तथा यथार्थ सत्य सिद्ध हुआ था। भगवान् श्रीरामचन्द्र जी के वनवास के समय रावण ने सीता का अपहरण किया। श्रीरामचन्द्र जी …

जटायु ने कैसे बता दिया था कि राम सीता को रावण से पुनः प्राप्त कर लेंगे Read More »

Poem on importance of time in english

भगवान सुर्य का परिवार–पत्नी, पुत्र, तथा पुत्रीओं के नाम

भगवान् सुर्य की दस सन्तानें हैं। विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा (अश्विनी) नामक पत्नी से वैवस्वत मनु, यम, यमी (यमुना), अश्विनीकुमारद्वय और रेवन्त तथा छाया से शनि, तपती, विष्टि (भद्रा) और सावर्णि मनु हुये। भगवान् सूर्य के परिवार की यह कथा पुराणों आदि में अनेक प्रकार से सूक्ष्म एवं विस्तार से आयी है, उसका सारांश यहाँ …

भगवान सुर्य का परिवार–पत्नी, पुत्र, तथा पुत्रीओं के नाम Read More »

Poem on importance of time in english

तिथि का, दिन का, ऋतुओं का, युग इत्यादि का आरम्भ कब होता है

तिथि का आरम्भ, वार का आरम्भ तथा दिन का आरम्भ उस स्थानपर् सूर्योदय से होता है। अँगरेजी तारीख का आरम्भ आधी रात से होता है। अँगरेजी वर्ष जनवरी से आरम्भ होता है। विक्रम सम्वत् का आरम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। मास का आरम्भ कृष्ण प्रतिपदा से होता है। पक्ष का आरम्भ प्रतिपदा से …

तिथि का, दिन का, ऋतुओं का, युग इत्यादि का आरम्भ कब होता है Read More »

Poem on importance of time in english

तिथि किसे कहते हैं

चन्द्रमा की एक कला को तिथि कहते हैं। तिथियाँ 1 से 30 तक एक मास में 30 होती हैं। ये पक्षों में विभाजित हैं। प्रत्येक पक्ष में 15 – 15 तिथियाँ होती हैं। इनकी क्रम – संख्या ही इनके नाम हैं। ये हैं – प्रतिपदा द्वितीया तृतीया चतुर्थी पञ्चमी षष्ठी स्पतमी अष्टमी नवमी दशमी एकादशी …

तिथि किसे कहते हैं Read More »