How to say I can’t speak Hindi in Hindi

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How to say I can’t speak Hindi in Hindi

Well, it’s quite tricky to know how to say I can’t speak Hindi in Hindi because actually you don’t know Hindi and you will not be able to use this phrase. However, like a one-off sentence, you can learn how to pronounce this Hindi phrase so that you can convey that you are not able to speak Hindi.

 

How to say I can't speak Hindi in Hindi

 

There is not much to be confused about but if you feel any difficulty in the words or their meaning, you can write to us through the comments section and I will reply.

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How to say I want to marry you in Hindi

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How to say I want to marry you in Hindi

While learning how to say I want to marry you in Hindi, there is nothing hard or complex that you need to learn. This phrase directly translates to Hindi without any different contextual connotation.

 

How to say I want to marry you in Hindi

 

If you find any difficulty or confusion in the pronunciation of this Hindi phrase, let me know through the comment section and I will be happy to reply.

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How to say I want to see you in Hindi

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How to say I want to see you in Hindi

While learning the How to say I want to see you in Hindi, take care that this phrase may convey two meanings in Hindi language. One would be the direct literal meaning of the sentence, while other meaning could mean that ‘I want to meet you’.

We are not providing the meaning and pronunciation of the second context of this sentence.

 

How to say I want to see you in Hindi

 

If you want to ask anything related to this Hindi phrase, you may write to us through the comment section.

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How to say I can understand in Hindi

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How to say I can understand in Hindi

While learning the Hindi phrase ‘how to say I can understand in Hindi’, you don’t have to worry about the words much because it’s a pretty straight forward message; however, the context of the phrase is different. I has a message of inner feeling which is sort of condoling with the other person, though not necessarily.

How to say I can understand in Hindi

 

If you want to ask anything related to this phrase, you can write in the comment section and I will reply.

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सच से धन कमाओ और मितव्ययी बनो (Earn Honestly and Spend wisely)

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जीवन की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिये धन अवश्य अर्जित करना चाहिये। सङ्कट समय के लिये बचत भी अवश्य करनी चाहिये। धन की तीन गतियाँ है। दान, भोग और नाश। अधिक धन की लालसा में अपना सुख व शान्ति नष्ट न करें। आय से अधिक व्यय करने से अशान्ति होना सम्भव है।

स्वस्थ रहें (Be Healthy) - शरीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना और सदा सक्रिय रहना हितकारी है। प्रात:- सायं भ्रमण, शरीरिक परिश्रम, प्रकृति-प्रेम और भोजन में संयम जीवन कला के चार स्वस्थ स्तंभ हैं। पालन करें। क्रोध, चिन्ता, विषाद, तनाव, निराशा, अहंकार आदि दोषों से बचें और मानसिक रूप से स्वस्थ रहें। कहते हैं- ‘पहला सुख निरोगी काया’।

आशावादी बनें (Be Optimistic)- आशावादी कामना से सफलता प्राप्त होती है और भविष्य उज्जवल होता है। आशा और उत्साह प्रगति का और निराशा गिरावट की प्रतीक है। मनोबल सदृढ़ रखें। स्मरण रखें- ‘मनके हारे हार है। मन के जीते जीत’।।

भूलें और क्षमा करें (Forget and Forgive) - मतभेद एक प्राकृतिक अंश है। इस से तनाव में न आयें। अप्रिय बातों को भूल जाना, क्षमा करना और अपनी गलतियों पर क्षमा माँग लेना सर्वोत्तम नीति मानी गई है।

परोपकारी बनें ( Be Benevolent) - निर्धन, अपाहिज, रोगी की यथाशक्त्ति सहायता करना परम धर्म है। रामचरितमानस में लिखा है- परहित बस जिन्ह के मन माहीं। तिन्ह कहुँ जग दुर्लभ कछु नाहीं।।

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हिन्दी जोक्स–चुटकुले

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  • एक छोटी बच्ची ने दरवाजा खोला और अपने भैया की गर्लफ्रैंड को देखकर बोली, “आप रोज-रोज भैया से मिलने आती हो आपका अपना भैया नहीं है क्या?”
  • पत्नी ( पति से), “मैं तो मानती हूं कि शादी एक लॉटरी है?”

पती, “पर मैं नहीं मानता!”

पत्नी, “क्यों?”

पति, “क्योंकि लॉटरी में दोबारा किस्मत आजमाने का मौका मिलता है मगर शादी में नहीं।”

  • लता (पति से), “सुनो जी जिस पण्डित ने हमारी शादी करवाई थी वो कल मर गया।”

पति, “अपने किये का अंजाम तो भुगतना ही पड़ेगा।”

  • नर्स, “बधाई हो, आपके जुड़वा बेटे हुये हैं।”

विश्र्वास, “ये तो होना ही था।”
नर्स, “कैसे?”
विश्र्वास, “जब देखो कौन बनेगा करोड़पति पार्ट-2 देखती थी, मिल गया न उम्मीद से दोगुना।”

  • पत्नी तारों को देखकर पति से बोली, “वो कौन सी चीज़ है जो तुम रोज़ देख सकते हो मगर ला नहीं सकते।”

पति, “पड़ोसन।”

  • एक मित्र ( मोहन से), “तुम्हारे पापा क्या करते हैं?”

मोहन, “जो मेरी मम्मी कहती है वो….!”

  • पत्नी, “मेरी आयु 58 साल होते हुये भी आपका दोस्त मेरे हुस्न की तारीफ़ करता है।”

पति, “उस्मान भाई होगा।”
पत्नी,”आपको कैसे पता?”
पति, “वो कबाड़िया जो ठहरा।”

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हिन्दी सीखें–प्रमुख विराम-चिह्न

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Punctuation marks in Hindi (प्रमुख विराम-चिह्न)

पूर्ण विराम – वाक्य के समाप्त होने पर यह चिह्न लगाया जाता है। इससे वाक्य के पूर्ण होने का बोद्ध होता है। जैसे –

  • रवी सो गया है। अब कल सवेरे मिलना।
  • सूर्योदय से पूर्व उठना सेहत के लिए लाभकारी है।

अल्प विराम – वाक्य में जहाँ थोड़ा रुकना पड़े जिससे अर्थ स्पष्ट हो जाये। जैसे-

  • खेलो, खाओ और मस्ती करो।
  • मैने नई पैर, पैंसिल और पुस्तक ख़रीदी है।

अर्ध विराम – जहाँ दो वाक्यों के बीच में भ्राँति की संभावना को मिटाना हो तब इसे प्रयोग किया जाता है। जैसे-

  • अपने मन की करो; मुझे दोश नहीं देना।
  • मीठा बोलो, सत्य बोलो; मगर झूठ कभी नहीं बोलना।

प्रश्नसूचक चिह्न – वाक्य में प्रश्न किया जाये, तो अन्त में प्रश्नसूचक चिह्न लगाया जाता है। जैसे-

  • तुम्हारी बहन कहां है ?
  • क्या आपने कभी आगरा देखा है ?

विस्मयादिबोधक चिह्न – वाक्य में जहाँ भी हर्ष, शोक, घृणा और आश्चर्य प्रकट किया जाता है वहाँ पर यह चिह्न प्रयुक्त होता है। जैसे-

  • अरे! तुम कक्षा में प्रथम रहे!
  • हे राम! इन्हें बचाओ!

उद्धरण चिह्न – किसी कवि, लेखक, पुस्तक, पत्र-पत्रिका आदि के नाम को इकहरे उद्धरण चिह्नों में और किसी के कथन को जयों का त्यों उद्धृत किया जाए तो उसको उद्धरण चिह्नों में रखा जाता है। जैसे –

  • पिता जी ने कहा था, “सत्य की हमेशा जीत होती है।”
  • मेरा एक लेख ‘भासकर’ पत्रिका मे प्रकाशित हुआ है।

योजक चिह्न – दो शब्दों को जोड़ा जाये तो योजक चिह्न ही प्रयोग किया जाता है। जैसे –

  • अच्छा-बुरा, खाना-पीना, राजा-रानी आदि।

विवरण चिह्न – किसी भी वाक्य के पश्चात के विवरण देने के लिए यह चिह्न लगाया जाता है। जैसे-

चिड़िया कहानी की कुछ विशेषतायें नीचे दी गई हैं –

  • कहानी सरल भाषा में लिखी गई है।
  • चिड़िया के जीवन से मेहनत की प्रेरणा मिलती है।
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How to say can I have in Hindi

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How to say can I have in Hindi

While we will be giving the literal meaning of this Hindi phrase, it is important to note that ‘can I have’ is a kind of half sentence or a teaser kind of where the person is asking for something.

So, when you try to learn this phrase, you will need to take care of adding the meaning of that thing with this phrase. Moreover, with different things added to this phrase, the contextual meaning and usage of this sentence may also change.

 

How to say can I have in Hindi

 

 

Suppose you want to say ‘Can I have water’, the meaning would change drastically. Accordingly, the Hindi phrase would also need to be changed. But you will come to know about all this through practice only.

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हिन्दी सीखें–विराम-चिह्न (Punctuation Marks)

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विराम-चिह्न (Punctuation Marks)

वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जो चिह्न लगाये जाते हैं, उन्हें विराम-चिह्न कहा जाता है। ‘विराम’ का अर्थ है ‘रुकना’। आवश्यकता के अनुसार रुकना आवश्यक भी हो जाता है।

ध्यानपूर्वक देखने से नीचे दी गई दो उदाहरणो से वाक्य के पृथक-पृथक अर्थ स्पष्ट हो जाते हैं। जैसे-

  • रुको, मत खाओ।
  • रुको मत, अब खाओ।
  • ठहरो, मत मारो।
  • ठहरो मत, अब मारो।

हिन्दी में प्रयुक्त होनेवाले प्रमुख विराम-चिह्न निम्नलिखित हैं-

  • पूर्ण विराम – ( । )
  • अल्प विराम – ( , )
  • अर्ध विराम – ( ; )
  • प्रश्नसूचक चिह्न ( ? )
  • विस्मयबोधक चिह्न ( ! )
  • उद्धरण चिह्न (“ ”)
  • योजक चिह्न ( – )
  • विवरण चिह्न ( – )
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जीवन जाच

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जीवन जीने की कला ही जाच है। इसमें सुख-दु:ख, जय-पराजय और लाभ-हानी समान चलते हैं।

भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा है- ‘सुखदु:खे समे कृत्वा लाभालाभौ जयाजयौ’।

वाल्मीकि रामायण में लिखा है- ‘दुर्लभं हि सदा सुखम्’।

महाकवि गोस्वामी तुलसीदासजी ने लिखा है-

तुलसी इस संसार में, सुख दु:ख दोनों होय।
ज्ञानी काटे ज्ञान से, मूरख काटे रोय।।

Some points that will benefit you:

  1. आस्तिक बनें (Be Theist)- ईश्वर पर भरोसा आवश्यक है। ‘ईश्वर जो कुछ करता है – अच्छा ही करता है’। श्रद्धापूर्वक की गयी प्रार्थना कभी निष्फल नहीं जाती। दिन का प्रारम्भ प्रार्थना से करें और अन्त भी प्रार्थना से करें।
  2. माता-पिता की सेवा (Serving Parents)- माता-पिता को प्रत्यक्ष देव व तीर्थ माना गया है। आयु, विद्या, यश और बल उनके आशीर्वाद से बढ़ते हैं। श्रीरामचरितमानस की शिक्षा है-
    सुनु जननी सोइ सुतु बड़भागी। जो पितु मातु बचन अनुरागी।।
    मनुस्मृति कहती है- अभिवादनशीलस्य नित्यं वृद्धोपसेविन:।
    चत्वारि तस्य वर्धन्ते आयुर्विद्या यशो बलम्।।
  3. सुख दो, सुख मिलता है (Give and Take are Reciprocal)- दूसरों को  प्रसन्नता, सुख और प्रेम देनेपर ही सुख की प्राप्ति होती है। ‘जो दोगे वही तो मिलेगा’ और ‘जैसा बोओगे वैसा काटोगे’ ।
    संत तुलसी ने लिखा है- चार वेद षट् शास्त्र में बात मिली हैं दोय।
    सुख दीन्हे सुख होत है दु:ख दीन्हे दु:ख होय।।
  4. सदैव सन्तुष्ट रहना (Be Content)- सन्तोष सुख और असन्तोष दुख है। ‘सन्तोष: परमं सुखम्’ । ‘अशान्तस्य कुत: सुखम्’ ? परिश्रम और पुरुषार्थ से सुख मिलता है। अशान्ति भाग जाती है।
  5. धैर्य रखें (Keep Patience) – धैर्य रखने से कठिन समस्यायों का समाधान होता है और परिस्थितियाँ भी अनुकुल हो जाती हैं। हितोपदेश में लिखा है- ‘विपदि धैर्यम्’ ।
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