Ramayana

महाभारत में विभीषण तथा कुम्भकर्ण की भूमिका किसने निभायी

रामायण व महाभारत ऐसे महाकाव्य हैं जिनसे मानवता को जीवन यापन करने के लिये नीति, कर्तव्य तथा त्याग का बोध होता है। दोनों ही महाकाव्यों में अधर्म की पराजय तथा धर्म की सफलता दर्शायी गयी है। दोनों का घटनाक्रम कुछ ऐसा है कि विभिन्न पात्रों के पास धर्म का मार्ग चुनने के लिये अवसर उत्पन्न …

महाभारत में विभीषण तथा कुम्भकर्ण की भूमिका किसने निभायीRead More »

राक्षसी त्रिजटा को पूर्व ज्ञात हो गया था कि लङ्का जलेगी

अशोक वाटिका व्यथित सीता देवी की सेवा में रत विभीषण की पत्नी त्रिजटा ने देवी सीता को साहस बधाँया तथा अपनी पुत्री की भाँति प्रेम दिया। वो जानती थीं कि रावण का विनाश निश्चित है। उनको ज्ञात हो चुका था कि भगवान राम का एक दूत आयेगा जो कि सम्पूर्ण लङ्का को जलाकर दग्ध कर …

राक्षसी त्रिजटा को पूर्व ज्ञात हो गया था कि लङ्का जलेगीRead More »

देवी सीता को अशोक वाटिका में सर्व प्रथम किसने देखा था

यदि आप सोच रहे हैं कि हनुमान ने ही सर्व प्रथम अशोक वाटिका में देवी सीता को देखा था तो आप एक घटना भूल रहे हैं जो कि हनुमान के लङ्का पहुँचने से पहले घटी थी। वस्तुतः उस घटना से ही हनुमान को ज्ञात हुआ था कि देवी सीता कहाँ पर हैं। आयें इस घटना …

देवी सीता को अशोक वाटिका में सर्व प्रथम किसने देखा थाRead More »

मन्थरा दासी थी रावण की मृत्यु का कारण

इस लेख का शीर्षक पढ़ कर आपको आश्चर्य हुआ होगा। मन्थरा दासी का रावण की मृत्यु से क्या संबन्ध। यदि आप रामायण का अध्ययन करते हैं या रामायण को टी.वी. पर प्रसारित धारावाहिकों में देखते हैं तो आप को ज्ञात हो जायेगा कि मन्थरा के उकसाने पर ही कैकयी ने दशरथ से वो दो वर …

मन्थरा दासी थी रावण की मृत्यु का कारणRead More »

How did Lord Rama die in Ramayana?

Sri Rama, the hero of The Ramayana epic is heralded by the Hindus as an Avatar or divine descent or incarnation of Lord Mahavishnu. There is a significant difference between the births and deaths of mortal and divine incarnations. The births of human beings is described as Karma Janma or the birth resulting from one’s …

How did Lord Rama die in Ramayana?Read More »

The Causal Chain

The web of life is strongly woven by causes and effects. Therefore, what we see around us are reactions, resounds and reflections, with each of them originating from a cause that is not visible to our eyes. Divine justice prevails over every action bringing in the corresponding reaction at some point of time as appropriate. …

The Causal ChainRead More »