Ugbu eme nchọgharị na udi otu

Mahabharata

Na Mahabharata, bụ ndị na-egwuri ọrụ nke Vibhishana na Kumbhakarna

रामायण व महाभारत ऐसे महाकाव्य हैं जिनसे मानवता को जीवन यापन करने के लिये नीति, कर्तव्य तथा त्याग का बोध होता है।

Gịnị na swayamvar Draupadi wee eze ma-isi

महाभारत के प्रथम खण्ड में धृष्टद्युम्न अपनी बहन द्रौपदी को उसके स्वयंवर में पधारे हुये राजा तथा राजकुमारों के नाम ज्ञात करवाता

Aha ndị ngwuro no n'agbata nke Mahabharata

महाभारत के तीसरे खण्ड में सञ्जय धृतराष्ट्र को भारत वर्ष के जनपद जो कि आधुनिक युग में जिला या District के नाम

Pụtara na aha dị iche iche nke Jehova Krishna na Wyutptti

महाभारत के तीसरे खण्ड में धृतराष्ट्र सञ्जय से श्री कृष्ण के नामों के अर्थ तथा व्युतपत्ति के बारे में पूछते हैं तो

Gịnị bụ ọdịiche dị Dnurved

महाभारत के प्रथम खण्ड अनुसार जब कुरु राजकुमार बड़े होने लगे तो उनकी आरम्भिक शिक्षा का भार राजगुरु कृप के पास गया।

Arjun chọpụta nke na agba na ala na-eduzi ngwá agha ?

ये महाभारत के प्रथम खण्ड से लिया गया है जब कुरु राजकुमार तरुण अवस्था में गुरुकुल में अपनी शिक्षा पूर्ण कर हस्तिनापुर

Gandeeva kpọọ History

गाण्डीव धनुष का इतिहास बड़ा रहस्यमय है। इसके इतिहास में कई धनुषों का इतिहास छिपा है। यों महाभारत में तो इसके सम्बन्ध

Mgbe Duryodhana Atmglani jupụtara nkwa nke a ngwa ngwa nye ọnwụ nke

अनशन करना आधुनिक राजनीतिक प्रतिनिधियों तथा सामाजिक जीर्णता को भङ्ग करने हेतु प्रयासरत कार्यकर्ताओं का बाण नहीं है। अनशन की प्रथा पूर्व

ahụ ọkụ bilie

महाभारत के पञ्च खण्ड में ज्वर की उत्पत्ति का वर्णन आता है। ज्वर की अनुभूति शरीर के तापमान से होती है हमारे

Draupadi and Karna Love

I might be totally wrong because we can’t comment on Itihaas or Mithihaas with authority, but I will like to take a

baajị