pawansingla

Pawan Kumar Singla is a retired English lecturer living in Nabha, Punjab. He has studied B. Sc. (Medical), M. A. (English, Political Science), B. Ed., and has strong interest in Yoga, languages, and Indian traditions. He likes to learn new things in his life (started driving a car when he was 63 and can now type in four languages including Punjabi, Hindi, English and Sanskrit).

हिन्दी सीखें–संज्ञा (Noun)

कोई भी वस्तु, प्राणी, गुण, दशा या भाव के नाम को ही हम संज्ञा कहते हैं। जैसे— सिंह, लड़की, दीवार और घास आदि। संज्ञा के तीन भेद निम्न लिखित हैं- जातिवाचक संज्ञा व्यक्तिवाचक संज्ञा भाववाचक संज्ञा जातिवाचक संज्ञा—जो शब्द एक ही प्रकार के सभी वस्तुओं या प्राणियों का बोध कराता हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते […]

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हिन्दी सीखें–समास (Compound Words)

समास— दो शब्दों के मेल से बने शब्द को समास कहते हैं। जैसे – हिमकण का अर्थ है हिम के कण समास-विग्रह—सभी पदों को अलग-अलग करने की विधि को समास-विग्रह कहा जाता है। जैसे – पेटदर्द = पेट में दर्द जीवन-स्वामी = जीवन का स्वामी भेद — समास के छे (Six) भेद बताये जाते हैं

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व्रत तथा उपवास में अन्तर

Differentiate between Vrat and Upvas व्रत और उपवास में भी कोई भेद है कया- व्रत–व्रत में भोजन का सेवन किया जा सकता है, यह मान्यता है। उपवास—उपवास में पूर्ण रूप से निराहार रहना पड़ता है, कोई ढील नहीं है। सातों वारों के नाम से प्रचलित व्रत— सोमवार-व्रत—(अखण्डसौभाग्य, सन्तानप्राप्ति और निर्धनता दूर करने के लिए स्त्रियाँ

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हिन्दी सीखें–विलोम शब्द (Antonyms)

किसी शब्द के उल्टे अर्थ का बोध कराने वाले शब्द को विलोम या विपरीतार्थक शब्द कहा जाता है। ध्यान रखें – यह आवश्यक है कि विलोम शब्द लिखते समय तत्सम शब्द के लिए तत्सम और तद्भव शब्द के लिए तद्भव शब्द का प्रयोग ही करें। यह आवश्यक नहीं के प्रत्येक शब्द का विलोम शब्द भी हो। याद करने

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हिन्दी सीखें–तत्सम तथा तद्भव शब्द

तद्भव शब्द और उनके तत्सम रूपों की सूची नीचे दी गयी है। यदि आप किसी अन्य तत्सम-तद्भव शब्द के बारे में जानते हैं तो कृपया हमें अवश्य लिखें। आप अपनी टिप्पणी के माध्यम से कोई सुझाव, प्रश्न अथवा कोई प्रस्ताव भेज सकते हैं। तद्भव तत्सम तद्भव तत्सम अँधेरा अन्धकार पत्थर प्रस्तर अचरज आश्चर्य पत्ता पत्र

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हिन्दी सीखें–शब्द समूह और एक शब्द (One Word Substitution)

भाषा में कथन को संक्षिप्त और प्रभावशाली बनाने के लिए एक शब्द (One Word)  का प्रयोग किया जाता है। कुछ शब्द-समूहों के लिए एक शब्द नीचे दिए जा रहे हैं – शब्द – समूह एक शब्द जो पढ़ा न जा सके अपठनीय जिस का कोई अन्त न हो अनन्त जो कभी बूढ़ा न हो अजर जिसका

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हिन्दी सीखें–शब्द रचना

संधि (Union of Two Sounds) सन्धि – दो वर्णों के मेल को भाषा में सन्धि कहा जाता है। दो शब्दों में सन्धि के समय पहले शब्द का अन्तिम वर्ण और दूसरे शब्द का प्रथम वर्ण मिल जाते हैं। जैसे – परम + आत्मा =  परमात्मा यहाँ पर परम शब्द का अन्तिम वर्ण अ है और आत्मा

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हिन्दी सीखें–पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द (Synonyms)

जो शब्द समान अर्थ प्रकट करें वह शब्द पर्यायवाची शब्द या समानार्थी शब्द कहलाते हैं। हर भाषा में ऐसे शब्द मिलते हैं। कुछ शब्दों के पर्यायवाची शब्द नीचे दिए जाते हैं प्रमुख शब्द पर्यायवाची शब्द अहंकार अभिमान, घमण्ड, गर्व, दर्प, अहम् अतिथि अभ्यागत, मेहमान, पाहुना, व्रात्य, आगन्तुक असुर दानव, दनुज, राक्षस, निशाचर, दैत्य अचरज अचंभा,

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हिन्दी सीखें–अक्षर (Akshar)

अक्षर किसी भी शब्द की इकाई होती है। एक अक्षर में एक या एक से अधिक वर्ण हो सकते हैं। जैसे- एक अक्षर वाले शब्द – आ, आम, दीप, दिन आदि।दो अक्षर वाले शब्द – को ‘मल, भा ‘लू, काम ‘ना, टम ‘टम, रा ‘जा आदि।तीन अक्षर वाले शब्द – स ‘फल ‘ता, नि ‘कल

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हिन्दी सीखें–मात्रा (Maatraa)

जो स्वर व्यञ्जन के पीछे आता है उसे मात्रा कहा जाता है। विभिन्न स्वरों की मात्रायें हिन्दी भाषा में इस प्रकार हैं – स्वर  मात्रा का रूप  मात्रा सहित व्यञ्जन  मात्रा वाले शब्द अ – क रस, नर, कल आदि आ ा का नाम, राजा, काम आदि इ ि कि दिल, मिल, दिन आदि ई ी

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हिन्दी सीखें शब्द – विचार (Hindi Glossary)

किसी भी भाषा में प्रयोग किये जाने वाले सभी शब्दों के समूह को उस भाषा का शब्द-भण्डार कहा जाता है। हिन्दी के शब्द-भंडार के स्त्रोत का आधार चार प्रकार से माना जाता है- संस्कृत – मूल रूप (तत्सम शब्द) संस्कृत – बदला रूप (तद्भव शब्द) स्वदेशीय मूल (देशज शब्द) विदेशी शब्द तत्सम शब्द– जो शब्द

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Learn Hindi (हिन्दी सीखें): वर्ण-विचार

ध्वनि (Sound) भाषा की सबसे छोटी इकाई (Smallest Unit) को ध्वनि कहते हैं। ध्वनियों से ही शब्दों (Words) का निर्माण (Build) होता है। मुख से अ, आ, इ, …….क, ख, ग…….. बोलना ही ध्वनियाँ (Sounds) कहलाती हैं। नारी (Woman) शब्द में ही चार ध्वनियाँ हैं-न्+आ+र्+ई = नारी वर्ण (Letter) ध्वनियों को लिखित (Print) रूप देने

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हिन्दी सीखें (Learn Hindi)

भाषा (Language) वह साधन जिस द्वारा हम अपने मन के भाव प्रकट कर सकते हैं, उसे भाषा कहते हैं। इस के तीन रूप हैं – मौखिक भाषा (Language of Speech) – मन के भावों को जब बोल कर प्रकट किया जाये तो उसे मौखिक भाषा कहते हैं। दिनभर में जो भी हम बोलते हैं वह

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Village and professions in Punjabi

ਪਿੰਡ ਅਤੇ ਪੇਸ਼ੇ (Village and Profession) ਪਿੰਡ ਇੱਕ ਅਜਿਹੀ ਇਕਾਈ (Unit) ਸੀ ਜਿਸ ਵਿੱਚ ਖੇਤੀ (Agriculture), ਪਸ਼ੂ ਪਾਲਨਾ (Dairy Farming) ਵਪਾਰ (Business), ਵਿੱਦਿਆ (Education), ਸਿਹਤ (Health), ਲੱਕੜ (Wooden), ਲੋਹਾ (Iron and Steel), ਕੱਪੜਾ (Cloth), ਚਮੜਾ (Leather), ਪਾਣੀ (Water and Hydraulics) ਅਤੇ ਸਰੀਰਕ ਸਜਾਵਟ (Dressing) ਤੇ ਹੋਰ ਨਿਕੇ ਮੋਟੇ ਸਫ਼ਾਈ (Cleanliness) ਆਦਿ ਦੇ ਕੰਮ ਸਰ ਜਾਂਦੇ

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Suffix in Hindi

हिन्दी भाषा – प्रत्यय (Suffix) कया होते हैं । यौगिक शब्दों की रचना के लिये हिन्दी में भी प्रत्यय (Suffix) का प्रयोग होता है। मूल शब्द के बाद या पीछे कुछ जोड़ देने से नये तथा अर्थपुर्ण शब्द का निर्माण होता है। इस शब्दांश को प्रत्यय (Suffix) कहते हैं। जैसे—धन + ई * धनीस्वतन्त्ररूप में

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हिन्दी भाषा–उपसर्ग क्या होते हैं

हिन्दी में यौगिक शब्दों की रचना के लिये उपसर्गों का प्रयोग होता है। उपसर्ग शब्दान्श के आगे या प्रारम्भ में जुड़कर उनका रूप तथा अर्थ बदल देते हैं। ऐसे शब्दान्शों को उपसर्ग कहा जाता है। उपसर्ग स्वतन्त्र रूप में प्रयोग नहीं होते तथा शब्दों के साथ जुड़ कर ही प्रयुक्त होते हैं। हिन्दी भाषा के

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Where is your father?

ਜਨਮ ਤੋਂ ਮੌਤ ਤੱਕ ਮਨੁੱਖ ਨੂੰ ਅਨੇਕਾਂ ਦੁੱਖ-ਤਕਲੀਫ਼ਾਂ ਦਾ ਸਾਹਮਣਾ ਕਰਣਾ ਪੈਂਦਾ ਹੈ। ਹਰ ਸਮੇਂ, ਹਾਲਤ, ਉਮਰ ਅਤੇ ਮੌਕੇ ਤੇ ਮੂੰਹ ਵਿਚੋਂ ਇੱਕ ਹੀ ਆਵਾਜ਼ ਨਿੱਕਲਦੀ ਹੈ——— ਬੱਚਾ ਰੋਦਾਂ ਹੈ—–ਮਾਂ ਜਵਾਨ ਕਹਿੰਦਾ ਹੈ—–ਮੇਰੀ ਮਾਂ ਬੁੱਢਾ-ਬੁੱਢੀ ਆਖਦੇ ਹਨ——ਹਾਏ ਮਾਂ ਬਾਪੂ ਕਿਸੇ ਦੇ ਵੀ ਮੂੰਹ ਵਿਚੋਂ ਨਹੀਂ ਨਿਕਲਦਾ Father is a lost entity in this universe. Do

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ਪੰਜਾਬੀ ਪਹੇਲੀਆਂ

ਜੇ ਬੁਝੇਂ ਤਾਂ ਜਾਣਾ (ਬੁਝਾਰਤਾਂ) 1.    ਬਾਹਰੋਂ ਆਇਆ ਬਾਬਾ ਲਸ਼ਕਰੀ ਜਾਂਦਾ ਜਾਂਦਾ ਕਰ ਗਿਆ ਮਸ਼ਕਰੀ। 2.    ਇਸ ਰਾਜੇ ਦੀ ਅਨੋਖੀ ਰਾਣੀ ਦੁੰਬ ਦੇ ਰਸਤੇ ਪੀਂਦੀ ਪਾਣੀ। 3.    ਆਈ ਸੀ, ਪਰ ਦੇਖੀ ਨਹੀਂ। 4.    ਚਿੱਟੀ ਇਮਾਰਤ ਬੂਹਾ ਕੋਈ ਨਾ। 5.    ਲੱਗ ਲੱਗ ਕਹੇ ਨਾ ਲੱਗਦੇ, ਬਿਨ ਆਖੇ ਲੱਗ ਜਾਂਦੇ, ਮਾਮੇ ਨੂੰ ਲਗਦੇ ਤਾਏ ਨੂੰ ਰਹਿ ਜਾਂਦੇ।

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नामकरन संस्कार

It is admitted that a disciplined (Sanskrit) she-baby is equal to ten best sons. संस्कारों में शीलवती कन्या को दस श्रेष्ठ पुत्रों के समान माना जाता है। दश पुत्र-समा कन्या यस्य शीलवती सुता ।। Contrary to it, an indisciplined (Devoid of Sanskars) son becomes destroyer of dynasty. संस्कार विहीन पुत्र भी कुल को नष्ट करने

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ਬੇਸ਼ੁਮਾਰ ਖੁਸ਼ੀ ਤੇ ਖੁਸ਼ਹਾਲੀ

(Unlimited Pleasure and Pleasantness) ਜੀ ਲਾਕੇ ਕੰਮ ਕਰਨ ਨਾਲ ਸਰੀਰ ਨਿਰੋਗ (Healthy) ਤੇ ਜੇਬ ਭਰੀ (Wealthy) ਰਹਿੰਦੀ ਹੈ। ਸਰੀਰ ਦੀ ਅਵਸਥਾ, ਬਿਰਤੀ ਤੇ ਸੁਰਤੀ ਟਕਾਊ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ। ਭਟਕਣ ਤੇ ਬੇਚੈਨੀ ਨੇੜੇ ਨਹੀਂ ਫਟਕਦੇ। ਸਰੀਰ ਨਿਰੋਲ, ਮਸਤ ਤੇ ਸਰੂਰ ਵਿੱਚ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ। ਤਨ ਤੇ ਮਨ, ਖੁਸ਼ੀ ਤੇ ਆਨੰਦ ਦੀਆਂ ਤਰੰਗਾ ਦੇ ਆਲਮ ਵਿੱਚ ਡੁੱਬੇ ਰਹਿੰਦੇ ਹਨ

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