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हिन्दी सीखें–विराम-चिह्न (Punctuation Marks)

विराम-चिह्न (Punctuation Marks) वाक्य के अर्थ को स्पष्ट करने के लिए जो चिह्न लगाये जाते हैं, उन्हें विराम-चिह्न कहा जाता है। ‘विराम’ का अर्थ है ‘रुकना’। आवश्यकता के अनुसार रुकना आवश्यक भी हो जाता है। ध्यानपूर्वक देखने से नीचे दी गई दो उदाहरणो से वाक्य के पृथक-पृथक अर्थ स्पष्ट हो जाते हैं। जैसे- रुको, मत खाओ। रुको मत, […]

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अर्थ के आधार पर वाक्य-भेद

अर्थ के आधार पर वाक्य आठ प्रकार के होते हैं। जो निम्नलिखित हैं- विधिवाचक – जिस वाक्य में किसी कार्य का करना या होना सामान्य रूप से प्रकट हो, उसे विधिवाचक वाक्य कहा जाता है। जैसे – शाम हाॉकी खेल रहा है। वह एक अच्छी लड़की है। आज्ञार्थक – जिस वाक्य में आज्ञा, प्रार्थना अथवा

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समुच्चयबोधक अव्यय (Conjunction in Hindi)

दो शब्दों, वाक्याँशों अथवा वाक्यों को जोड़ने का कार्य करने वाले अव्यय को भाषा में समुच्चयबोधक अव्यय कहा जाता है। जैसे – राम और शाम आपस में बातें कर रहे हैं। सीता की रुमाल मैली है इस लिये वह उसे धो रही है। पहले वाक्य में और राम व शाम को, दूसरे वाक्य में इस

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हिन्दी सीखें–क्रिया पर लिङ्ग, वचन, और पुरुष का प्रभाव

क्रिया एक विकारी शब्द है। कर्ता के लिङ्ग, वचन और पुरुष के अनुसार उसके रूप में परिवर्तन होता रहता है। लिङ्ग का प्रभाव – क्रिया का लिङ्ग कर्ता के अनुसार बदलता रहता है। कर्ता पुल्लिङ्ग होने पर क्रिया आकारान्त होती है। कर्ता स्त्रीलिङ्ग होने पर क्रिया ईकारान्त हो जाती है। जैसे – पुल्लिंग स्त्रीलिंग सुरेश

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