आधुनिक पत्नी अपने पति से क्या चाहती है?

आधुनिक दाम्पत्य जीवन विभिन्न प्रकार की परिवर्तनों तथा कठिनाईयों से भरा पड़ा है। पुरानी रीतियों को पछाड़ कर नवजीवन की ओर अग्रेसर दाम्पत्य जीवन एक विचित्र प्रकार की भ्राँति से जूझ रहा है जिसमें कि पुरुष तथा स्त्री दोनों को ये समझ नहीं आ रहा कि वो एक दूसरे को कैसे प्रसन्न रखें। कैसे परस्पर प्रेम को बढ़ायें तथा कैसे एक दूसरे को समझ कर एक दूसरे के पूरक बन सकें।

आधुनिक उपकरणों तथा जीवन शैली ने कुछ सीमा तक जीवन को सरल बनाने में सहायता दी है परन्तु आपसी प्रेम, समझ तथा समर्पन को बढ़ाने में ये आधुनिक साधन कभी भी लाभप्रद नहीं हो सकते।

पति पत्नी के बीच में सम्बन्ध यदि बाहरी उपकरणों, जीवन के वैभव तथा शैली पर निर्भर करता है तो ये अधिक दिनों तक रोचक नहीं रहेगा। सभी के जीवन में अच्छा या बुरा परिवर्तन आता है तथा यही किसी भी दम्पति के साथ होना संभव है।

तो ऐसा क्या करें जिससे पति पत्नी एक दूसरे के समीप आ सकें। क्या करें कि एक दूसरे को बेहतर समझ सकें तथा एक दूसरे का पूरक बनें। कैसे आपसी सहयोग से जीवन को आगे बढ़ायें।

हम इस लेख के माध्यम से एक पत्नी की अपने पति से क्या अपेक्षा होती है इसपे चर्चा करेंगे।

  • पत्नी पति से दाम्पत्य निष्ठा जिसको अंग्रेज़ी भाषा में fidelity भी कहते हैं की अपेक्षा सदैव रखेगी। ये एक पत्नी की अपेक्षा है तथा ये दाम्पत्य जीवन की आधारशिला होती है। विश्वास से ही प्रेम जाग्रित होता है।
  • आधुनिक पत्नी घरेलू दायित्व में समानता चाहती है। पुराने समय में स्त्रियों को अधिकतर पूर्ण रूप से घरेलू कार्यों को बोझ उठाना पड़ता था। परन्तु आधुनिक स्त्री जो कि पति के समान ही कार्यालय तथा समाज में विचरती है चाहती है कि उसका पति भी घरेलू कार्यों में उसका साथ दे।
  • विचारों की स्वतन्त्रता की इच्छा करना स्वभाविक है। यदि पत्नी अपने विचार पति के सामने निःसङकोच प्रगट नहीं कर सकती तो पति पत्नी के बीच समानता का अभाव है जो कि इस बन्धन के लिये अच्छा नहीं है।
  • जैसा कि हमने पहले कहा कि पत्नी घरेलू कार्यों में पति का योगदान चाहती है वैसे ही वो जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों पर विचार-विमर्श में भागीदारी भी चाहती है। साथी वही जो आपको सही मार्ग पर चलने का सुझाव दे सके और पत्नी से घनिष्ठ साथी और कोई नहीं बन सकता।
  • आधुनिक जीवन में समय का अभाव अधिक मात्रा में एक बहाने के रूप में प्रयोग किया जाता है। वास्तव में सत्य भी है। परन्तु पत्नी सर्वदा कुछ समय अपने पति के साथ व्यतीत करना चाहती है जब वो जीवन की कठिनायीयों को भूल कर प्रेम भरी वार्तालाप तथा हँसी-ठिठोली कर सके। ये समय भले ही दिन में पाञ्च पल के लिये मिले पर इसका प्रभाव नाते में बहुत बड़ा होता है।

हम आशा करते हैं कि आपको ये सुझाव अच्छे लगे होंगे। यदि आपके मन के कोई विचार या सुझाव हो तो हमको बतायें।

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