सुहागरात पे पत्नियों द्वारा दिये जाने वाले 10 वचन

विवाह के रीति-रिवाजों को अपनाते हुये प्रायः कई प्रकार के वचन वर तथा वधु से लिये-दिये जाते हैं।

पतियों द्वारा अपनी विवशता तथा व्यथा का बखान करने के लिये सृजित कई प्रकार के चुटकुले (जोक्स) तथा टिप्पणियाँ की भरमार भी आपको इण्ट्रनेट पर मिल जायेगी।

ऐसे में हम कुछ ऐसे हास्यपद वचनों पर चर्चा करेंगे जो पत्नियाँ अपने पतियों को देकर उनके जीवन को थोड़ा बहुत सुखी बना सकती हैं।

  1. पत्नियाँ अपने पतियों को ये वचन दें कि वो बातचीत के अन्तर्गत बेलन का प्रयोग सर पर मारने के लिये नहीं करेंगी। पाकशाला में प्रयोग होने वाली वस्तुयें शयनकक्ष में प्रयोग नहीं होंगी।
  2. यदि घर में एक ही कम्प्यूटर का प्रयोग है तो पत्नियाँ उसका कूटसङ्केत (पाॅस्वर्ड) विवाह की वर्षगाँठ या अपना जन्मदिन नहीं रखेंगी।
  3. हर बात पर मायके जाने की धमकी नहीं दी जायेगी। यदि दी गयी तो उसे पूरा भी करना पड़ेगा।
  4. फेसबुक पे किसी भी अपडेट को लाईक करना अनिवार्य नहीं होगा।
  5. पतियों को पजामा पहनकर बाज़ार जाने की अनुमति रहेगी। सज-धज कर जाने के लिये बाधित नहीं किया जायेगा।
  6. पतियों को अपनी बात कहने का पूरा अवसर दिया जायेगा। भले ही उनकी कोई बात माननीय ना हो।
  7. पतियों को टीवी पे आने वाले हर सास-बहु नाटक के नायक-नायिका का नाम स्मरण करना अनिवार्य नहीं होगा। ना ही उन नाटकों में दिखाये गये पतियों के समान जीवन व्यतीत करने के लिये बाधित किया जायेगा।
  8. पतियों को दिन में एक घण्टा अपना जीवन अपने ढङ्ग से जीने का अवसर दिया जायेगा। भले ही बाकी का सम्पूर्ण समय वो पत्नी के सङ्केतों पर ही नाचेंगे।
  9. शाम को घर आने के उपरान्त चोरी से मोबाइल फोन को नहीं जाँचा जायेगा। यदि किसी अनजान महिला का संदेश या काॅल आई हो तो उसके बारे में पुलिस समान पूछताछ नहीं की जायेगी।
  10. पतियों को अपने मित्र दल में अपना दुख कहने का पूरा अधिकार होगा। भले ही पत्नी के सामने वो सर्वदा सुखी होने का ढोंग ही करेंगे।

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