Buying an external hard disk nowadays

It was in 2013 when I bought my first external hard disk. At that time, a 500 GB hard disk was more than enough to save all types of data—whether you have images, videos or text files, this storage would suffice. But times have changed. The file size of videos, images have increased so much […]

Cheap and best laptops in India

There was a time around 2005 when I used to buy a new laptop every year. For three consecutive years, I did it—my first and only choice was Dell. It was not a cheap option but the best (at least at that time). Why? Well, because they offered on-site guarantee and it was a great […]

Now real estate crowdfunding—are you game!

Well, real estate is truly the estate that everybody wants to build. But not everybody gets the chance to build their dream homes. I have seen a lot of friends of mine taking loans to fund their properties and then spend 20-30 years in loan repayment. However, the returns are often low and lot of […]

WhatsApp Status: How To Make it More Vibrant and Lively

With WhatsApp having revolutionized, simplified and breathed more life into every segment of our life, it has rather become an integral part of our social interactions. The simple to use tools and features of WhatsApp have enamored billions to depend on this app to interact with their friends, families and business contacts. People have been […]

Rangolis: The Visual Manifestations of Indian Tradition

Rangoli has always enjoyed a prime place in the Indian tradition and have become an integral part of several important celebrations and festivals. The women folk in every household take immense delight in decorating the front yard of the house with highly colorful rangolis especially during festivals. Usually drawn on the floor with white rangoli powder or rice powder and […]

पञ्चभूतों के कौन कौन से गुण होते हैं

इस पृथ्वीपर (Earth) रहने वाली जितनी भी वस्तुयें हैं, वे सब-की-सब संक्षेप से पञ्चमहाभूत-स्वरूप (Five Elements-Constitution) हैं। इसी लिये मनीषी पुरूष उन सब को ‘सम’ (Equal) कहते हैं। आकाश (Ether), वायु (Air), अग्नि (Fire), जल (Water) और भूमि (Earth) – ये पञ्च महाभूत (Five Elements) हैं। आकाश से लेकर भूमि तक जो पञ्चमहाभूतों का क्रम […]

अलक्ष्मी (लक्ष्मी की ज्येष्ठ बहन) कौन है तथा कहाँ कहाँ निवास करती है

आदि तथा अन्त से रहित, ऐश्वर्य शाली, प्रभुता सम्पन्न तथा जगत् के स्वामी नारायण विष्णु ने प्राणियों को व्यामोह में डालने के लिये इस जगत् को दो प्रकार का बनाया है। उन महातेजस्वी विष्णु ने ब्राह्मणों, वेदों, सनातन वैदिक धर्मों, श्री तथा श्रेष्ठ पद्मा की उत्पत्ति करके एक भाग किया और अशुभ तथा ज्येष्ठा अलक्ष्मी, […]

दिव्य नदी गङ्गा के विभिन्न नामों का अर्थ

नदियों के नाम उनके विशिष्ट शब्दगत अर्थ एवं गुणधर्म को लेकर प्रवृत होते हैं। इस सम्बन्ध में प्रसिद्ध पाश्चात्य विद्वान् मैक्समूलर के विचार माननीय हैं। उनका कथन है- ‘वैदिक सूक्तों में तथा नदियों से सम्बन्धित ऋचाओं में चर्चित नदियों को पुनः वे छोटी हों या बड़ी अलग-अलग नाम दिये गये। सभी प्रदेशों के निवासी यह […]

पञ्चामृत कैसे बनायें

पञ्चामृत का हम भोग लगाकर, प्रसाद के रूप में ग्रहण भी करते हैं। इस के बनाने की विधि की जानकारी हमें अवश्य होनी चाहिये। व्यवस्थाः- पञ्चामृत में पाँच वस्तुयें काम में लाई जाती हैं। यह हैं- दूध दही घृत शहद तुलसी पत्र दूध अधिक मात्रा में, दही कम, घी बहुत थोड़ा, शहद आवश्यकता अनुसार और […]

The Three Chandraguptas of India

Well, this is quite interesting–a name shared by three different people who turned out to be great in their own rite, and belonged to medieval India. Why don’t we have that name for our children nowadays or why none with that name became that much great later on–or did we stuck to the Shakespearean idea […]

काशी ही ‘शिवलोक है’ का निर्माण कैसे हुआ

वे जो सदाशिव हैं, उन्हें परमपुरुष, ईश्वर, शिव, शम्भु और महेश्वर कहते हैं। वे अपने मस्तक पर आकाश-गङ्गा को धारण करते हैं। उनके भाल देश में चन्द्रमा शोभा पाते हैं। उनके पाञ्च मुख हैं और प्रत्येक मुख में तीन-तीन नेत्र हैं। उनका चित्त सदा प्रसन्न रहता है। वे दस भुजाओं से युक्त्त और त्रिशूल धारी […]

जब भगवान शिव ने पार्वती माता के घर जाकर अपनी ही निन्दा की

ब्रह्मा जी कहते हैं – नारद ! मेना और हिमवान् की भगवान् शिव के प्रति उच्चकोटी की अनन्य भक्त्ति देख इन्द्र आदि सब देवता परस्पर विचार करने लगे। तदनन्तर गुरु बृहस्पति और ब्रह्मा जी की सम्मति के अनुसार सभी मुख्य  देवताओं ने शिव जी के पास जाकर उनको प्रणाम किया और वे हाथ जोड़कर उनकी […]

शिव पुराण में पेड़ लगाने के लाभ का वर्णन

वातावरण की रक्षा हेतु वृक्ष लगाना, विभिन्न प्रकार के प्राकृतिक तत्त्वों का अल्प प्रयोग तथा प्रदूषण को बढ़ावा ना देना ये सब आधुनिक जीवन की ही कल्पनायें नहीं है। पुरातन काल से प्रकृति के संरक्षण हेतु चेष्टा की जाती रही है तथा समाज में ऐसे कार्यों को करने की प्रेरणा दी जाती रही है जिससे […]

भगवान शिव का नाम पशुपति कैसे पड़ा

असुरों से युद्ध के हेतु महान् दिव्य रथ में, जो अनेक विध आश्चर्यों से युक्त्त था, वेद रूपी अश्वों को जोत कर ब्रह्मा ने उसे शिव को समर्पित कर दिया। शम्भु को निवेदित करने के पश्चात् जो विष्णु आदि देवों के सम्माननीय एवं त्रिशूल धारण करने वाले हैं, उन देवेश्वर की प्रार्थना करके ब्रह्मा जी […]

जटायु ने कैसे बता दिया था कि राम सीता को रावण से पुनः प्राप्त कर लेंगे

भारतीय ज्योतिष एक शास्त्र से कम नहीं है तथा पूर्ण रूप से वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित है। इस लेख में हम एक ऐसे उदाहरण का वर्णन करेंगे जो कि रामायण काल में हुआ था तथा यथार्थ सत्य सिद्ध हुआ था। भगवान् श्रीरामचन्द्र जी के वनवास के समय रावण ने सीता का अपहरण किया। श्रीरामचन्द्र जी […]

भगवान सुर्य का परिवार–पत्नी, पुत्र, तथा पुत्रीओं के नाम

भगवान् सुर्य की दस सन्तानें हैं। विश्वकर्मा की पुत्री संज्ञा (अश्विनी) नामक पत्नी से वैवस्वत मनु, यम, यमी (यमुना), अश्विनीकुमारद्वय और रेवन्त तथा छाया से शनि, तपती, विष्टि (भद्रा) और सावर्णि मनु हुये। भगवान् सूर्य के परिवार की यह कथा पुराणों आदि में अनेक प्रकार से सूक्ष्म एवं विस्तार से आयी है, उसका सारांश यहाँ […]

तिथि का, दिन का, ऋतुओं का, युग इत्यादि का आरम्भ कब होता है

तिथि का आरम्भ, वार का आरम्भ तथा दिन का आरम्भ उस स्थानपर् सूर्योदय से होता है। अँगरेजी तारीख का आरम्भ आधी रात से होता है। अँगरेजी वर्ष जनवरी से आरम्भ होता है। विक्रम सम्वत् का आरम्भ चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से होता है। मास का आरम्भ कृष्ण प्रतिपदा से होता है। पक्ष का आरम्भ प्रतिपदा से […]

तिथि किसे कहते हैं

चन्द्रमा की एक कला को तिथि कहते हैं। तिथियाँ 1 से 30 तक एक मास में 30 होती हैं। ये पक्षों में विभाजित हैं। प्रत्येक पक्ष में 15 – 15 तिथियाँ होती हैं। इनकी क्रम – संख्या ही इनके नाम हैं। ये हैं – प्रतिपदा द्वितीया तृतीया चतुर्थी पञ्चमी षष्ठी स्पतमी अष्टमी नवमी दशमी एकादशी […]

भारतीय ज्योतिष अनुसार ग्रहों का शरीर के विभिन्न भागों पर प्रभाव

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार विभिन्न ग्रह निम्न शरीर रचनाओ को नियन्त्रित करते हैं- सूर्य – अस्थि, जैव-विद्धुत्, श्वसनतन्त्र, नेत्र। चन्द्रमा – रक्त्त, जल, अन्तःस्त्रावी ग्रन्थियाँ ( हार्मोन्स ), मन। मङ्गल – यकृत्, रक्त्तकणिकायें, पाचनतन्त्र। बुध – अङ्ग-प्रत्यङ्ग-स्थित तन्त्रिकातन्त्र, त्वचा। बृहस्पति – नाडीतन्त्र, स्मृति, बुद्धि। शुक्र – वीर्य, रज, कफ, गुप्ताङ्ग। शनि – केन्द्रिय नाडीतन्त्र। राहु-केतु – […]

दिव्य नदी गङ्गा को स्वच्छ रखने का ढङ्ग पुराणों में ही व्याप्त

वर्तमान काल में दिव्य नदी गङ्गा का जल इतना प्रदूषित हो चुका है कि ये सिञ्चायी अथवा कपड़े धोने के लिये भी अयोग्य है। ये वो नदी है जिसके जल को अमृत तुल्य माना जाता है तो जो सर्व पाप विनाशनी मानी जाती है। आधुनिक समय में उद्योगों तथा नगरों के मल से प्रभावित हो कर […]

पद्मपुराण अनुसार दिव्य नदी गङ्गा की महिमा

पवित्राणां पवित्रं या मङ्गलानां च मङ्गलम् । महेश्वरशिरोभ्रष्टा सर्वपापहरा शुभा ।। गङ्गा गङ्गेति यो ब्रूयाद् योजनानां शतैरपि। मुच्यते सर्वपापेम्यो विष्णुलोकं स गच्छति।। स्नानात् पानाच्च जाह्नव्यां पितॄणां तर्पणात्तथा। महापातकवृन्दानि क्षयं यान्ति दिने दिने।। तपोभिर्बहुभिर्यज्ञैर्व्रतैर्नानाविधैस्तथा । पुरुदानैर्गतिर्या च गङ्गां संसेव्य तां लभेत्।। पुनाति कीर्तिता पापं दृष्टा भद्रं प्रयच्छति। अवगाढा च पीता च पुनात्यासप्तमं कुलम्।। भगवान् शङ्कर के […]

भारतीय ज्योतिष विज्ञान के अनुसार कितने प्रकार के महीने होते हैं

सौरमास – इस मास का सम्बन्ध सूर्य से है। पृथ्वी की वार्षिक गति के कारण सूर्य विभिन्न राशियों को भोगता हुआ प्रतीत होता है। सूर्य एक राशि में जितनी अवधि तक रहता है उस अवधि को एक सौर मास कहा जाता है। राशियों की लम्बाई में अन्तर होने के कारण सौर मास कम-से-कम 29 दिन […]

भारतीय महीनों के नाम कैसे पड़े–महीनों का नामकरण

चान्द्र मासों के नाम नक्षत्रों के नाम पर रखे गये हैं। पूर्णिमा को जो नक्षत्र होता है, उस नक्षत्र के नाम पर उस मास का नाम रख दिया गया। चन्द्रमा चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को अश्विनी नक्षत्र पर प्रकट हुआ था तथा पूर्णिमा को चित्रा नक्षत्र पर आया। इस कारण प्रथम मास का नाम चैत्र पड़ा। […]

भारतीय दिनों के नाम कैसे पड़े–वारों का क्रम कैसे बना

हमारे ऋषि-मुनियों ने ठोस वैज्ञानिक आधार पर सप्ताह के वारों का क्रम निर्धारित किया है । पृथ्वी और सूर्य से घनिष्ठ सम्बन्ध रखने वाले सात ग्रहों की कक्षाओं के अनुसार सात वार निश्चित किये गये हैं, जो सम्पूर्ण विश्व में प्रचलित हैं। वार शब्द ( वासर ) दिन का ही संक्षिप्त रूप है। एक अहोरात्र […]

Lyon Financial

Prepare now for your dream summer by your pool

Summer may be over, but now is the perfect time to prepare for your dream summer next year by having a swimming pool installed in your backyard. Finding finance for this home improvement, need not be a pipe dream. Lyon Financial was one of the first to make the dream of a backyard resort a […]